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gst-goods services tax क्या है

gst-goods services tax क्या है
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1 जुलाई 2017 से भारत भी दुनिया के उन देशों में शामिल हो गया जहाँ gst-goods services tax लागु है. 17 की कोशिशों के बाद आखिरकार 1 जुलाई 2017 की आधी रात को भारतीय संसद भवन के सेंट्रल हाल में भारत के रास्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने एक साथ बटन दबा के gst-goods services tax को पुरे देश में लागु कर दिया.

gst-goods services tax क्या है

जीएसटी gst-goods services tax, भारत के कर ढांचें में सुधार के लिए उठाया गया एक बहुत बड़ा कदम है.जीएसटी लागू होने से पूरा देश एक बाजार में तब्दील हो जाएगा और ज्यादातर कर जैसे केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Central excise duty), सेवा कर (Service Tax), वैट (Vat), मनोरंजन(Entertainment tax), विलासिता, लॉटरी टैक्स(Lottery tax) आदि जीएसटी में शामिल हो जाएंगे. इसतरह पुरे देश में एक ही टेक्स लगेगा. सरकार ने जीएसटी के तहत 1200 से ज़्यादा वस्तुओं और सेवाओं के लिए टैक्स दरें तय की हैं. जीएसटी के तहत वस्तुओं और सेवाओं पर अलग-अलग Tax categories बना के 5 से 28 फ़ीसदी के बीच टेक्स निर्धारित किया गया है.

gst-goods services tax

gst-goods services tax से लाभ

 

दुनिया के 150 देशों में जीएसटी लागू है.जीएसटी लागु होने के बाद देश में पहले से मौजूद 17 टेक्स खत्म हो जायेंगे और 23 सेस भी खत्म हो जायेंगे.सरकार का मानना है की जीएसटी लागु होने से इन्स्पेक्टर राज खत्म हो जायेगा, आर्थिक विकास दर तेजी से बढ़ेगी जिसके कारण employment के औसर बढ़ेंगे.Businessmens or Traders को अलग अलग राज्यों से बिजनेस करने में आसानी होगी. केंद्र और राज्य सरकारों के बिच टेक्स की जटिलता(Complexity) पूरी तरह से खत्म हो जाएगी.

राज्यों के बिच व्यापार करना होगा आसान

जीएसटी(gst-goods services tax) लागु होने से पहले अलग अलग राज्यों के बिच व्यापार करना बहुत मुश्किल भरा काम था. अलग अलग राज्यों में वैट की दरें काफी ऊँची थी ,वस्तु कर राज्यों के अनुसार अलग अलग होते थे,इसलिए छोटे कारोबारी अंतरराज्यों में व्यापार करने से बचते थे,क्योकि की उन्हें तमाम राज्यों के कर विभाग में दौड़ धुप करना पड़ता था. जीएसटी(gst-goods services tax) लागू होने के बाद भारत के सारे राज्यों में एक जैसा कर होगा,राज्य सरकारें अपने अनुसार करों के दर में किसी तरह की कोई बदलव नहीं कर सकते हैं.



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