Paid Aur Trial Version Me Fark Kya Hai – Computer Ki Jankari

नमस्कार दोस्तों COMPUTER KI JANKARI BLOG पर आप का स्वागत है.दोस्तों अगर आप कंप्यूटर या लैपटॉप का उपयोग करते हैं तो आप को बहुत सारे सॉफ्टवेयर की भी ज़रूरत पड़ती है.कंप्यूटर की जानकारी के इस पोस्ट में हम कंप्यूटर सॉफ्टवेयर के बारे में बात करेंगें.आज मै आप को Paid aur Trial version me fark kya hai के बारे में बताऊंगा.

Computer Software – PC Tools

कंप्यूटर में किसी काम को करने के लिए सॉफ्टवेयर की ज़रूरत पड़ती है.इन्टरनेट की दुनिया में लाखों की संख्या में pc tools या कंप्यूटर सॉफ्टवेयर उपलब्ध हैं जिन्हें हम अपने कंप्यूटर में डाउनलोड और इनस्टॉल कर के उनका उपयोग करते हैं.बिना सॉफ्टवेयर के दुनिया का कोई भी कंप्यूटर किसी काम का नहीं होता है.कंप्यूटर यूजर अपने ज़रूरत के अनुसार अपने कंप्यूटर में सॉफ्टवेयर डाउनलोड और इनस्टॉल करते हैं.

Paid Aur Trial Version Me Fark Kya Hai

Paid Aur Trial Version Me Fark Kya Hai

Paid aur Trial version me fark kya hai

कई बार जब आप अपने कंप्यूटर में कोई सॉफ्टवेयर डाउनलोड करते हैं तो वेबसाइट पर आप से पूछा जाता है या आप को विकल्प दिया जाता है की आप Paid aur Trial version में से किसी को डाउनलोड कर सकते हैं.जब की कई सारे सॉफ्टवेयर को डाउनलोड करते समय आप को ऐसा कोई विकल्प नज़र नहीं आता है.क्या आप जानते हैं की Paid aur Trial version me fark kya hai.

Free Computer Software

इन्टरनेट की दुनिया में अधिकतर कंप्यूटर सॉफ्टवेयर डाउनलोड के लिए फ्री में उपलब्ध होते हैं.आप ऐसे सॉफ्टवेयर को फ्री में डाउनलोड कर के उनका उपयोग अपने कंप्यूटर में कर सकते हैं.इन सॉफ्टवेयर को उपयोग करने के बदले आप को किसी तरह का कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है.आप इनका उपयोग लाइफ टाइम फ्री में कर सकते हैं और इनके अपडेट भी आप फ्री में डाउनलोड कर सकते हैं.उदाहरण के लिए VLC Media Player को देख सकते हैं या फिर chrome browser को ही देख लीजिये इनका उपयोग करने के लिए आप को किसी तरह का कोई शुल्क नहीं देना है.आप इन्हें अपने कंप्यूटर में फ्री डाउनलोड और इनस्टॉल कर सकते हैं.

Paid Computer Software

इन्टरनेट की दुनिया में ऐसे भी pc tools उपलब्ध हैं जिन्हें आप फ्री में उपयोग नहीं कर सकते हैं,इन सॉफ्टवेयर का उपयोग करने के लिए आप को इनकी कीमत चुकानी पड़ती है जिसको सॉफ्टवेयर बनाने वाली कम्पनी निर्धारित करती है.उदाहरण के लिए आप माइक्रोसॉफ्ट का MS Word या Ms Office देख सकते हैं.अगर आप ms office का उपयोग अपने कंप्यूटर में करना चाहते हैं तो इसके लिए आप को एक निर्धारित क़ीमत चुकानी होती है इसके बाद ही आप इस pc tools को अपने कंप्यूटर में उपयोग कर सकते हैं.

Trial Version Software

फ्री सॉफ्टवेयर और पेड सॉफ्टवेयर के बाद नंबर आता है Trial version software का.दोस्तों Trial version सॉफ्टवेयर paid software का ही प्रारूप होता है.जब आप कोई कंप्यूटर यूजर paid software खरीदने की सोचता है तो उसके मन में ये शंका होती है की पता नहीं ये सॉफ्टवेयर उसके काम का है की नहीं है? ये सॉफ्टवेयर ठीक तरह से काम करता है की नहीं? यूजर के ज़रूरत के अनुसार उस सॉफ्टवेयर में विकल्प दिए गए हैं या नहीं? ऐसे विचार हर कंप्यूटर यूजर के मन में आता है.कंप्यूटर यूजर के मन में उठने वाले इन शंकाओं को दूर करने के लिए paid software बनाने वाली कम्पनी अपने सॉफ्टवेयर का एक Trial version उपलब्ध कराती है जिसे कंप्यूटर यूजर फ्री में डाउनलोड कर के उसका उपयोग कर सकते हैं और देख सकते हैं की वो सॉफ्टवेयर उसनके काम का है की नहीं.अगर सॉफ्टवेयर उन्हें पसंद आ जाता है तो उसको वो खरीद लेते हैं.Trial version software को कम्पनी इस तरीके से बनाती है की वो सॉफ्टवेयर निर्धारित दिन के बाद काम करना बंद कर देता है.

जब आप कोई गाड़ी खरीदने car show room जाते हैं तो वहां आप को गाड़ी खरीदने से पहले कम्पनी द्वारा अलग अलग गाड़ियों का ट्रायल दिया जाता है.आप को उस गाड़ी को चलाने का मौका दिया जाता है जिसे आप खरीदना चाहते हैं.गाड़ी चलाने के बाद अगर आप को गाड़ी पसंद आती है तभी आप उस गाड़ी को खरीदते हैं.ठीक उसी तरह paid software बानाने वाली कम्पनी अपने सॉफ्टवेयर को बेचने से पहले यूजर को उस सॉफ्टवेयर को इस्तेमाल कर के देखने का मौका देती है.अगल अलग कम्पनी और सॉफ्टवेयर का Trial version time अलग अलग होता है.कई कम्पनी अपने pc tools को Trial के लिए 30 days तक उपलब्ध कराती हैं जब की कई कम्पनी सिर्फ 7 days का वक़्त देती हैं.

तो दोस्तों मुझे उम्मीद है की आप समझ गए होंगें की Paid aur Trial version me fark kya hai.अगर आप के मन में Paid aur Trial version me fark kya hai को लेकर कोई सवाल है तो आप कमेन्ट कर के पूछ सकते हैं.COMPUTER KI JANKARI का ये Paid aur Trial version me fark kya hai आर्टिकल आप को कैसा लगा कृपया कमेन्ट कर के ज़रूर बताएं.अगर आप को ये आर्टिकल पसंद आया है तो इसको अपने दोस्तों के साथ शेयर करना मत भूलियेगा.नई नई कंप्यूटर की जानकारी के लिए इस ब्लॉग को बुकमार्क करना मत भूलियेगा.

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